
पोंडी। सावन के पावन अवसर पर पोंडी नगर में पहली बार आयोजित ऐतिहासिक महिला कांवर यात्रा श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यात्रा की शुरुआत सुबह करीब 5 बजे हुई। इस यात्रा में गोराज पब्लिक स्कूल और चैतन्य पब्लिक स्कूल की बसों का विशेष सहयोग रहा, जिनके माध्यम से महिलाओं और बच्चियों को यात्रा स्थल तक पहुंचाया गया।

आयोजक मंडल द्वारा पहले से ही मोहल्लों में सूचना दी गई थी। सुबह होते ही बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चियां कांवर यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचने लगीं। देखते ही देखते बसें श्रद्धालु महिलाओं और बच्चियों से भर गईं और पोंडी नगर से एक नई धार्मिक यात्रा का शुभारंभ हुआ।
डोंगरिया धाम में किया जलाभिषेक
कांवर यात्री डोंगरिया धाम पहुंचे, जहां सभी महिलाओं और बच्चों ने बाबा जलेश्वर महादेव की विधिवत पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। इसके बाद प्राचीन श्री मचकुंड महादेव और नवीन श्री नर्मदेश्वर महादेव का उसी दिन जलाभिषेक करने का संकल्प लिया गया।
इसके बाद श्रद्धालुओं ने श्री जलेश्वर महादेव घाट से जल भरकर कांवर यात्रा शुरू की। यात्रा के दौरान महिलाओं और बच्चियों ने नाचते-गाते हुए “बोल बम” के जयकारे लगाए, जिससे पूरा मार्ग भक्तिमय हो गया।
खड़ौदा में हुआ पहला पड़ाव
यात्रा का पहला पड़ाव खड़ौदा स्थित शासकीय स्कूल में हुआ। यहां कांवर यात्रियों के लिए पोहा, जलेबी, केला और चाय का अल्पाहार कराया गया। अल्पाहार के बाद श्रद्धालु फिर से उत्साह के साथ यात्रा पर निकल पड़े।
कांवर यात्री जयकारे लगाते हुए श्री मचकुंड महादेव पहुंचे और वहां भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके बाद श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर जल चढ़ाया गया। इसी के साथ महिला कांवर यात्रा का विधिवत समापन हुआ।
खीर-पूड़ी के प्रसाद के साथ हुआ समापन
यात्रा के समापन के बाद सभी श्रद्धालुओं ने खीर-पूड़ी का प्रसाद ग्रहण किया और इसके बाद अपने-अपने घरों के लिए रवाना हुए। आयोजन से जुड़े लोगों ने इसे पोंडी नगर के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार धार्मिक यात्रा बताया।
आयोजकों का कहना है कि इस यात्रा ने यह संदेश दिया कि जब महिलाएं किसी संकल्प को पूरा करने का ठान लेती हैं, तो कठिन से कठिन रास्ता भी आसान हो जाता है।
आयोजन में इनका रहा विशेष सहयोग
इस ऐतिहासिक महिला कांवर यात्रा के आयोजन में मनोज वर्मा के साथ डॉ. जयप्रकाश, विजय ठाकुर, विजय साहू, दुर्गेश साहू, बिसेन साहू, जयपाल यादव, खिलेश्वर जायसवाल, शिवशंकर वर्मा, डॉ. देवप्रकाश, रामनिवास साहू, अमन वर्मा, बिसेन वर्मा, राजू चंद्रवंशी, बलवन गिरी, कृष्णा श्रीवास, लक्ष्मी कुम्भकार, पांडे महाराज और जैकी चौहान सहित अन्य लोगों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
इसके अलावा बैहरसरी और परसहा के महिला कांवरिया और सहयोगी ने यात्रा को सफल बनाने में अपना अविस्मरणीय योगदान दिया।
पोंडी नगर में आयोजित यह महिला कांवर यात्रा धार्मिक आस्था, महिला शक्ति और सामूहिक सहभागिता की मिसाल बनकर सामने आई।


