
कवर्धा। चक्रवाती तूफान अर्नब और तेज हवाओं के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर ग्राम पंचायत दशरंगपुर (पुतकी कला) के सरपंच प्रशांत सिंह बैस (मोनू ठाकुर) ने राज्य सरकार से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों की महीनों की मेहनत प्राकृतिक आपदा के कारण बर्बाद हुई है। ऐसे कठिन समय में किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

सरपंच प्रशांत सिंह बैस ने कहा कि किसान देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी आजीविका खेती पर निर्भर है। जब प्राकृतिक आपदा के कारण फसलें खराब होती हैं, तो किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में जरूरी है कि शासन-प्रशासन किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्हें उचित राहत उपलब्ध कराए।
प्रभावित किसानों का जमीनी स्तर पर हो सर्वे
सरपंच ने राज्य सरकार से अपील की है कि चक्रवाती तूफान अर्नब और तेज हवाओं से प्रभावित खेतों का वास्तविक स्थिति के आधार पर निष्पक्ष सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि कोई भी प्रभावित किसान सूची से वंचित न रह जाए। फसल नुकसान का सही आकलन कर नियमानुसार जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया, ताकि वास्तविक नुकसान झेलने वाले किसानों को समय पर सरकारी सहायता मिल सके।
किसानों के साथ खड़ा होना हमारी जिम्मेदारी
प्रशांत सिंह बैस ने कहा कि किसानों की मेहनत का सम्मान होना चाहिए और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हर पात्र किसान को उचित राहत मिलनी चाहिए। किसानों की पीड़ा को समझना और उनके हितों के लिए आवाज उठाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए फसल नुकसान का उचित आकलन कराएगी और प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाएगी।
प्रशांत सिंह बैस (मोनू ठाकुर)
सरपंच, ग्राम पंचायत दशरंगपुर (पुतकी कला)
जनपद पंचायत पंडरिया, जिला कबीरधाम, छत्तीसगढ़


