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सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के विचारधारा में चलने वाले एवं मानने वाले ही पटेल जी के सच्चे अनुयायी है – नीलू चन्द्रवशी

आयरन लेडी इंदिरा गांधी जी की पुण्यतिथि एवं सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाया गया।

पंडरिया:-आज यानी 31 अक्टूबर को देशभर में भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं स्व श्रीमती इंदिरा गांधी जी की पुण्यतिथि कुर्मी समाज द्वारा कुर्मी समाज के सभी वरिष्ठ लोगों की उपस्थिति में नगर पालिका परिषद में सरदार वल्लभभाई पटेल एवं इंदिरा गांधी जी की मूर्ति के समक्ष मनाई गई।

स्वतंत्र भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री रहे सरदार पटेल का देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में अहम योगदान रहा है। आजादी के बाद भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक सैकड़ा राजवाड़ा रियासतों को एकजुट करना था।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS): महात्मा गांधी की हत्या के बाद (1948 में), तत्कालीन गृहमंत्री के रूप में सरदार पटेल ने आर.एस.एस. की गतिविधियों को देश की सुरक्षा और एकता के लिए खतरनाक मानते हुए उस पर प्रतिबंध लगा दिया था।

सरदार पटेल ने अपनी सूझबूझ, दृढ़ इच्छाशक्ति और कूटनीतिक क्षमता से इस मुश्किल काम को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से अलग-अलग रियासतों का भारतीय संघ में विलय संभव हो सका। उनके इसी योगदान को याद करते हुए हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

सरदार पटेल का जीवन, विचार और देश के प्रति समर्पण आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। आइए, उनकी जयंती के अवसर पर जानते हैं उनके कुछ अनमोल विचार, जो हमें एकता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश देते हैं।

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