
कवर्धा।
संसद में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता मोहन चंद्रवंशी ने राष्ट्रहित में एक ऐतिहासिक पहल बताया है। उन्होंने कहा कि यह कानून देश की मातृशक्ति के सशक्तिकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक समावेशी एवं मजबूत बनाएगा।

जारी बयान में मोहन चंद्रवंशी ने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलेगा, जिससे नीति निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का सम्मान और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आज प्रदेश की पहचान बन चुकी है। राज्य में महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
चंद्रवंशी ने भारतीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है। वैदिक काल से लेकर आज तक महिलाओं ने समाज निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं इस परंपरा को आधुनिक रूप में सशक्त कर रही हैं, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला है, जिसका सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर देखने को मिल रहा है। साथ ही ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी योजनाएं महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बना रही हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम आने वाले समय में देश की राजनीति और नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।









