
कवर्धा। कबीरधाम जिले में आयोजित होने वाला प्रसिद्ध भोरमदेव महोत्सव इस बार आज एक ही दिन में संपन्न हो रहा है, लेकिन आयोजन की तैयारियों और प्रचार-प्रसार की कमी को लेकर जिला प्रशासन सवालों के घेरे में है।

हर वर्ष तीन दिनों तक चलने वाला यह भव्य महोत्सव इस बार भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण के कारण एक दिन तक सीमित कर दिया गया। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि असल समस्या निर्माण कार्य नहीं, बल्कि प्रशासन की लेटलतीफी और लापरवाही है।
आखिरी समय में जागा प्रशासन
जानकारी के अनुसार, महोत्सव जैसे बड़े आयोजन को लेकर प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस तैयारी नहीं की। आयोजन से महज दो दिन पहले सोशल मीडिया पर पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और जिलेवासियों ने नाराजगी जताई, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया। जल्दबाजी में बैठक लेकर तीन दिन के कार्यक्रम को एक दिन में समेट दिया गया।
आज आयोजन, लेकिन लोगों को जानकारी नहीं
सबसे गंभीर बात यह है कि महोत्सव आज हो रहा है, लेकिन जिले के कई लोग अब भी इससे अनजान हैं। न तो पर्याप्त प्रचार किया गया और न ही कार्यक्रम की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाई गई। इसका असर यह हो सकता है कि हर साल उमड़ने वाली भीड़ इस बार काफी कम नजर आए।
पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को झटका
भोरमदेव महोत्सव जिले की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख हिस्सा है, जहां देश-प्रदेश के कलाकार अपनी प्रस्तुति देते हैं। हर साल हजारों श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। लेकिन इस बार की अव्यवस्था ने इस गौरवशाली आयोजन की चमक फीकी कर दी है।
स्थानीयों में नाराजगी, प्रशासन पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर योजना बनाकर प्रचार-प्रसार किया जाता, तो आज भी बड़ी संख्या में लोग इस महोत्सव में शामिल हो सकते थे।
लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि इतने महत्वपूर्ण आयोजन को प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया।
अब देखना यह होगा कि भविष्य में जिला प्रशासन इस तरह की लापरवाही से सबक लेता है या नहीं, ताकि भोरमदेव महोत्सव की गरिमा दोबारा उसी भव्यता के साथ लौट सके।









