
मुंगेली , कृषि क्षेत्र में नवीनतम तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देते हुए एडवांटा सीड कंपनी द्वारा लोरमी ब्लॉक अंतर्गत मुंगेली जिले में विक्रेता फसल प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उच्च उत्पादकता वाले उन्नत धान बीजों की जानकारी देना और वास्तविक फसल परिणामों के माध्यम से उनका विश्वास बढ़ाना था।

कार्यक्रम में एडवांटा कंपनी के टेरेटरी मैनेजर विकास यादव ने किसानों और विक्रेताओं को ADV 8676, ADV 2223, ADV 2844 और Vertex जैसे उन्नत धान बीजों की विशेषताओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ADV 8676 धान की किस्म 125 से 128 दिनों में परिपक्व हो जाती है, जिससे किसानों को समय पर फसल कटाई और अगली फसल की तैयारी में सुविधा होती है।

किसान गुलशन जायसवाल (गांव अमलडिही, लोरमी) ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में ADV 8676 धान की बुवाई की थी, जिससे प्रति एकड़ 30 से 32 क्विंटल की पैदावार प्राप्त हुई — जो पारंपरिक बीजों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है। प्रदर्शन में फसल की थ्रेसिंग और वजन प्रक्रिया सभी उपस्थित किसानों और विक्रेताओं के सामने की गई, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।

इस किस्म की एक बड़ी विशेषता यह भी है कि यह झुलसा, ब्लास्ट जैसी प्रमुख बीमारियों के प्रति सहनशील है, जिससे उत्पादन में स्थायित्व आता है। कार्यक्रम के दौरान किसानों को सलाह दी गई कि वे ADV 8676 जैसे उन्नत बीजों को अपनाकर अपनी पैदावार और आय में वृद्धि करें।

कार्यक्रम में MDO चंद्रशेखर पटेल, राजकुमार साहू, लखन साहू सहित लोरमी, मुंगेली, पंडरिया, पैजानिया, अखरार, धनिया, सारिस्ताल, छीरपानी, कोदवा-गोडान, डिंडोरी, घानाघाट, फुलवारी, अमलडीही और बोडतरा क्षेत्र के कृषि केंद्रों के विक्रेता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
यह पहल न केवल किसानों को नई तकनीकी खेती की दिशा में प्रेरित कर रही है, बल्कि भारत के कृषि क्षेत्र में “बीज से समृद्धि तक” के मंत्र को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है।









