
कवर्धा। वोट चोरी के आरोपों के बीच सत्ता में आई भाजपा सरकार को अब आम जनता की समस्याओं और परेशानियों की कोई चिंता नहीं रह गई है। त्योहारी सीजन में आम जनता कमरतोड़ महंगाई से जूझ रही है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने अपने बच्चों की जरूरतों और मांगों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। वहीं, किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। हाल ही में किसानों द्वारा किए गए बड़े आंदोलन के बाद सरकार ने उनकी कुछ मांगों को पूरा करने का आश्वासन जरूर दिया है, लेकिन अधिकांश मांगें अब भी लंबित हैं। दूसरी ओर, प्रदेशभर के पटवारी अपनी करीब आधा दर्जन मांगों को लेकर गत 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इससे आम लोगों और किसानों को राजस्व संबंधी कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार को न तो पटवारियों की मांगों की चिंता है और न ही आम जनता की समस्याओं से कोई सरोकार है। यह बातें कवर्धा कृषि उपज मंडी के पूर्व उपाध्यक्ष चोवाराम साहू ने जारी बयान में कही। श्री साहू ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार का करीब तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है और आगामी विधानसभा चुनाव में अब केवल दो वर्ष शेष रह गए हैं। इसके बावजूद सरकार जिस तरह जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर बेफिक्र नजर आ रही है, उससे स्पष्ट है कि उसे आम लोगों के असंतोष, नाराजगी और उनकी जायज मांगों की कोई चिंता नहीं है। सरकार की इस कार्यप्रणाली से प्रदेश के हर वर्ग में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आए अर्बन तूफान के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसान लगातार फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते सर्वे और राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे किसानों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।

इसके बावजूद सरकार इस समस्या के समाधान के लिए गंभीर पहल करती नजर नहीं आ रही है। श्री साहू ने कहा कि त्योहारी सीजन में खाद्य तेल, शक्कर, दाल, चावल, गेहूं सहित रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और यात्री किराये का बोझ भी आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। बढ़ती महंगाई ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है, लेकिन सरकार की ओर से आम जनता को राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर किसान अपनी उपज और फसल के मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे हैं, दूसरी ओर पटवारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं और आम जनता महंगाई से परेशान है। इसके बावजूद सरकार की उदासीनता समझ से परे है। भाजपा सरकार की यह बेफिक्री और जनसमस्याओं की लगातार अनदेखी कहीं न कहीं उस पर लग रहे वोट चोरी के आरोपों को और बल देती है।


