
कवर्धा. बिल में अचानक हुई बढ़ोतरी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गांव के उपभोक्ता सुरेश चंद्राकर के अनुसार पिछले माह उसका बिजली बिल महज 390 रुपए आया था, लेकिन इस माह सीधे 61 हजार 726 रुपए का बिल बताया गया है। इसी तरह चंद्रहास केसरी के मुताबिक इस महीने उसका बिजली बिल 41 हजार 817 रुपए आया है, जबकि पिछले माह 2000 से भी कम आया था।ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे कई उपभोक्ता हैं, जिनके बिल सामान्य खपत की तुलना में कई गुना बढ़कर आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नियमित बिजली खपत के बावजूद अचानक हजारों रुपए का बिल समझ से परे है। करीब 25 उपभोक्ता अब तक बिजली कार्यालय में शिकायत कर चुके हैं।

स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार भले ही बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता और रियल टाइम खपत की बात कर रही हो, लेकिन बिल नहीं, पर्ची में लिखी रकम ने बढ़ाई परेशानी दशरंगपुर में ग्रामीणों का आरोप है कि यही स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन गया है। गांव के दर्जनों उपभोक्ताओं को अचानक अधिक बिजली बिल आने की शिकायत है। इनमें करीब छह उपभोक्ताओं को 40 हजार रुपए से अधिक का बिल बताया गया है। कई उपभोक्ताओं को बाकायदा बिजली बिल देने के बजाय रीडर ने सादी पर्ची पर बकाया राशि लिखकर इंदौरी बिजली कार्यालय पहुंचने को कहा। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।

रीडर ने वास्तविक खपत से कम रीडिंग दर्ज की
इस बीच यह बात भी सामने आई है कि पुराने मीटरों की रीडिंग लेते समय रीडर द्वारा वास्तविक खपत से कम रीडिंग दर्ज की गई। जेई के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगने के बाद ऑटोमेटिक बिलिंग व्यवस्था शुरू हुई। ऐसे में पुराने मीटर में पहले दर्ज नहीं हुई खपत भी सिस्टम में जुड़ गई, जिससे कई उपभोक्ताओं के मौजूदा बिल में अचानक बढ़ी हुई बकाया राशि दिखाई देने लगी है। विद्युत वितरण कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर का बिल कार्यालय में रीडर द्वारा बताई गई रीडिंग के आधार पर तैयार नहीं होता, बल्कि सिस्टम से ऑटोमेटिक जनरेट होता है। इसी वजह से पुराने मीटर में दर्ज कम रीडिंग और वास्तविक खपत के बीच का अंतर अब मौजूदा बिल में दिखाई दे रहा है। कंपनी ने बढ़े हुए बिलों की जांच कर आवश्यकतानुसार समायोजन करने की बात कही है।

सादी पर्ची पर हजारों का बकाया, 61 हजार तक के बिल से ग्रामीण परेशान
दशरंगपुर में समस्या सिर्फ बढ़े हुए बिजली बिल की ही नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्हें नियमित बिजली बिल की जगह मीटर रीडर द्वारा सादी पर्ची पर बकाया राशि लिखकर थमाई जा रही है और इंदौरी बिजली कार्यालय जाने को कहा जा रहा है। हजारों से लेकर 61 हजार रुपए से अधिक की राशि सामने आने से उपभोक्ता परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब बिल में खपत, रीडिंग और राशि की पूरी जानकारी ही उपलब्ध नहीं है, तो इतनी बड़ी रकम किस आधार पर निर्धारित की गई, यह समझना मुश्किल है। उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग से स्पष्ट बिल, सही मीटर रीडिंग और बढ़ी हुई राशि की जांच की मांग की है।

कांग्रेस ने भी बनाया मुद्दा, आगे आंदोलन की तैयारी
इधर स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की बढ़ती परेशानी को कांग्रेस ने भी मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस कार्यकर्ता दशरंगपुर पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।पार्टी के “स्मार्ट मीटर वापस लो” अभियान के तहत परेशान उपभोक्ताओं से आवेदन भरवाए गए। आवेदनों में पुराने मीटर दोबारा लगाने और स्मार्ट मीटर वापस लेने की मांग की गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली कार्यालय पहुंचकर भी पूरे मामले की जानकारी ली। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।


