कवर्धाखास खबरखेलछत्तीसगढ़जन सेवान्यूज़पंडरियापांडातराईपिपरियाबोड़लाराजनीति

ग्राम पंचायत बघर्रा में हुए क्रिकेट प्रतियोगिता में इनामी राशि को लेकर विवाद! विजेता टीम ने लगाए धोखाधड़ी के आरोप, सरपंच की मौजूदगी में भी नहीं निकला समाधान

मारियाटोला इलेवन का दावा—20 हजार की जगह सिर्फ 10 हजार देने की बात कही गई, शेष राशि रोकने का आरोप; बघर्रा पक्ष ने पुराने टूर्नामेंट का हवाला दिया

कवर्धा। कबीरधाम जिले के ग्राम पंचायत बघर्रा में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता अब विवादों में घिर गई है। विजेता टीम मारियाटोला इलेवन ने प्रतियोगिता के आयोजकों पर घोषित इनामी राशि का पूरा भुगतान नहीं करने और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। टीम का कहना है कि फाइनल मुकाबला जीतने के बावजूद उन्हें पूरी पुरस्कार राशि नहीं दी गई।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बघर्रा में 18 जून से क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन शुरू हुआ था, जिसमें आसपास के कई गांवों की टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में विजेता टीम के लिए 20 हजार रुपये तथा उपविजेता टीम के लिए 10 हजार रुपये की पुरस्कार राशि घोषित की गई थी।

फाइनल मुकाबला मारियाटोला इलेवन और बघर्रा इलेवन के बीच खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए मारियाटोला इलेवन ने निर्धारित ओवरों में 151 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बघर्रा की टीम 122 रन पर सिमट गई और मारियाटोला ने 28 रनों से शानदार जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया।

मारियाटोला इलेवन के खिलाड़ियों का आरोप है कि जीत के बाद उन्हें ट्रॉफी तो सौंप दी गई, लेकिन घोषित 20 हजार रुपये की पूरी पुरस्कार राशि नहीं दी गई। खिलाड़ियों का कहना है कि आयोजकों ने केवल 10 हजार रुपये देने की बात कही, जबकि शेष राशि देने से इनकार कर दिया। उनका आरोप है कि विजेता टीम के साथ यह व्यवहार खेल भावना के विपरीत है।

खिलाड़ियों ने बताया कि पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि एवं ग्राम पंचायत के सरपंच भी मौजूद थे, लेकिन मौके पर विवाद का कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकल सका। इससे खिलाड़ियों और ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।

वहीं दूसरी ओर, बघर्रा पक्ष का कहना है कि पूर्व में मारियाटोला में आयोजित एक क्रिकेट प्रतियोगिता में बघर्रा की टीम फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन किसी कारणवश फाइनल मुकाबला नहीं हो पाया और उस समय उन्हें भी पुरस्कार राशि नहीं मिली थी। इसी पुराने विवाद का हवाला देते हुए इस बार पूरी राशि नहीं देने की बात कही जा रही है।

हालांकि मारियाटोला इलेवन इस तर्क को पूरी तरह खारिज करती है। टीम का कहना है कि जिस पुराने टूर्नामेंट का हवाला दिया जा रहा है, उसमें वर्तमान विजेता टीम के अधिकांश खिलाड़ी शामिल ही नहीं थे। ऐसे में पुराने आयोजन के विवाद का खामियाजा वर्तमान खिलाड़ियों पर डालना पूरी तरह अनुचित है। खिलाड़ियों का कहना है कि प्रत्येक प्रतियोगिता का निर्णय और पुरस्कार उसी आयोजन के नियमों के अनुसार होना चाहिए, न कि पुराने विवादों के आधार पर।

इस पूरे घटनाक्रम ने खेल भावना और प्रतियोगिताओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि किसी कारण से कोई विवाद था, तो उसका समाधान अलग से किया जाना चाहिए था, न कि घोषित इनामी राशि रोककर विजेता टीम को दंडित किया जाता।

फिलहाल यह खबर मारियाटोला इलेवन टीम द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रकाशित की जा रही है। यदि आयोजक समिति, ग्राम पंचायत अथवा अन्य संबंधित पक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

ADVERTISEMENT

You cannot copy content of this page