ग्राम बैहरसरी में 100 वर्ष पुराने ठाकुर देवता मंदिर का भव्य जीर्णोद्धार, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नए मंदिर में विराजमान हुए आराध्य देव

ग्राम बैहरसरी में आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। गांव के समस्त ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग, जनभागीदारी और श्रमदान से लगभग 100 वर्ष पुराने ठाकुर देवता मंदिर का भव्य जीर्णोद्धार कराया गया। वर्षों पुराने इस मंदिर को नए स्वरूप में तैयार कर वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधानों के साथ ठाकुर देवता को नए मंदिर में विधिवत विराजमान कराया गया।

इस ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। ढोल-नगाड़ों, शंखनाद, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

ग्रामचार्य के सानिध्य में पूजा-अर्चना, हवन, कलश पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। शुभ मुहूर्त में पूरे विधि-विधान के साथ ठाकुर देवता को नए मंदिर में विराजमान कराया गया। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान से गांव की सुख-समृद्धि, शांति, अच्छी फसल और खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम में गांव के सरपंच, उपसरपंच, पंचगण, ग्राम के वरिष्ठ नागरिक, सियान, मातृशक्ति, युवा साथियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी सहभागिता निभाई। सभी ने इस आयोजन को गांव की एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक बताते हुए इसे ऐतिहासिक अवसर बताया।

मंदिर के जीर्णोद्धार में गांव के युवाओं का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। युवाओं ने निर्माण कार्य, साफ-सफाई, सजावट और आयोजन की व्यवस्थाओं में बढ़-चढ़कर जिम्मेदारी निभाई। वहीं ग्रामवासियों ने आर्थिक सहयोग और श्रमदान के माध्यम से इस पुण्य कार्य को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ग्रामीणों ने बताया कि ठाकुर देवता ग्राम बैहरसरी के आराध्य देव हैं और यह मंदिर पिछले लगभग एक शताब्दी से गांव की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। समय के साथ मंदिर जर्जर हो गया था, जिसके बाद पूरे गांव ने एकमत होकर इसके जीर्णोद्धार का निर्णय लिया। आज सभी के सहयोग से यह संकल्प साकार हुआ और ठाकुर देवता भव्य नए मंदिर में विराजमान हुए।
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत प्रस्तुत किए, वहीं बच्चों और युवाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ आयोजन में भाग लिया। आयोजन के समापन पर श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
यह आयोजन केवल मंदिर के जीर्णोद्धार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्राम बैहरसरी की सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था का जीवंत उदाहरण भी बना। ग्रामीणों ने विश्वास व्यक्त किया कि ठाकुर देवता की कृपा से गांव निरंतर विकास, सुख-समृद्धि और खुशहाली की राह पर आगे बढ़ता रहेगा।


