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विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में नल जल योजना, स्थनीय रोजगार एवं उद्योग व महिला श्रमिकों के हित का उठाया मुद्दा

पंडरिया विधायक भावना बोहरा द्वारा विधानसभा में जनहित व प्रदेश के प्रमुख विषयों से जुड़े प्रश्न लगातार विधानसभा पटल पर रख रहीं हैं। बजट सत्र के तीसरे दिन उन्होंने नल जल योजना से जल आपूर्ति व गर्मी के दिनों में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पर्याप्त जल आपूर्ति के लिए प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों, इन्वेस्ट कनेक्ट और स्थानीय रोजगार एवं कबीरधाम जिला में संचालित लघु व मध्यम उद्योग को प्रोत्साहन और महिला श्रमिकों के हित के सन्दर्भ में प्रश्न पूछा।

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने प्रश्न किया कि पिछले 12 महीनों में कितने जिलों/शहरों में नल जल योजना को जोड़ लिया गया है? कितने जिलों में योजना पूर्ण कर ली गई है? बचे हुए जिलों में कब तक यह योजना पूर्ण कर ली जाएगी ? वर्तमान में छत्तीसगढ़ नल जल योजना की लक्ष्य पूर्ति में किस स्थान पर है? तथा आगामी ग्रीष्मकाल में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति के लिए विभाग की क्या योजना है? जिसके लिखित प्रतिउत्तर में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव जी ने बताया कि पिछले 12 महीनों में राज्य के सभी जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों को नल जल योजना से जोड़ लिया गया है। शहरों में नल जल योजना लागू नहीं है। राज्य के किसी भी जिला में योजना पूर्ण नहीं की गई है। संभावित तिथि बताना संभव नहीं है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ नल जल योजना की लक्ष्य पूर्ति में 24वें नंबर में है। आगामी ग्रीष्मकाल में ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति के लिये लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा सभी जिलों में हैण्डपंप संधारण के लिये पर्याप्त हैण्डपंप तकनीशियन नियुक्त किया गया है। हैण्डपंप संधारण हेतु पर्याप्त मात्रा में हैण्डपंप स्पेयर पार्ट्स की व्यवस्था सभी जिलों में सुनिश्चित कर ली गई है। ग्रीष्म ऋतु के पूर्व विभाग के द्वारा 15 मार्च से 15 अप्रैल तक एक माह का विशेष हैण्डपंप संधारण अभियान चलाया जायेगा, जिसमें हैण्डपंपों के सुधार कार्य के साथ-साथ जल स्तर से नीचे चले जाने वाले हैण्डपंपों में राईजर पाईप बढ़ाने के साथ पेयजल की गुणवत्ता का सतत् परीक्षण कर पेयजल स्रोतों के क्लोरिनेशन का भी कार्य किया जायेगा। प्रदेश के 194 नगरीय निकायों में पेयजल आपूर्ति हेतु निकायों द्वारा 15 मार्च के पूर्व हेण्डपप, बरिवल के आसपास सफाई, मरम्मत सधारण का कार्य करते हुए क्लोरिनेशन का कार्य किया जायेगा। सतही स्रोत आधारित पेयजल योजना अंतर्गत इंटेकवेल, डब्ल्यू.टी.पी. में मोटर पंप मशीनरी का मरम्मत कर अधोसंरचनाओं का सुदृढीकरण किया जायेगा। टंकियों की सफाई किया जायेगा। टुटे-फूटे, लिकेज पाईप लाईन का मरम्मत सुधार कार्य किया जायेगा। वित्तीय वर्ष 2024-25 में ग्रीष्म ऋतु में पेयजल संकट निवारण हेतु नगरीय निकायों को कुल राशि रू. 18.00 करोड़ आबंटित किया गया है। इसके अतिरिक्त पेयजल व्यवस्था हेतु 25 नगरीय निकायों को अधोसंरचना मद से राशि रू. 5.63 करोड़ की स्वीकृति जारी की गई थी। 15 वे वित्त आयोग टाईड ग्राण्ट के जल घटक अंतर्गत विगत 03 वर्षों में पेयजल व्यवस्था हेतु राशि रू. 566.33 करोड़ की अनुमति निकायों को दी गई है। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में पेयजल संकट निवारण हेतु कुल राशि रू. 18.03 करोड़ जारी किया गया है।

 

भावना बोहरा ने कबीरधाम जिले में संचालित उद्योग के विषय में प्रश्न पूछा कि कबीरधाम जिले में जनवरी, 2026 तक कितने लघु, मध्यम एवं बड़े उद्योग स्थापित एवं संचालित हैं? इन लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने हेतु राज्य सरकार द्वारा कौन-कौन से वित्तीय एवं तकनीकी सहायता कार्यक्रम लागू किए गए हैं? तथा इन योजनाओं के तहत कितने उद्योगों को लाभ प्राप्त हुआ है? जिसके लिखित उत्तर में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन जी ने बताया कि कबीरधाम जिले में जनवरी, 2026 तक कुल 102 लघु एवं 01 मध्यम उद्योग पंजीकृत हैं तथा कोई भी बड़ा उद्योग विभाग में पंजीकृत नहीं है। इन लघु एवं मध्यम उद्योगों को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन प्रदान करने हेतु शासन द्वारा समय समय पर औद्योगिक नीति लागू की जाती है, वर्तमान में सम्पूर्ण प्रदेश में औद्योगिक विकास नीति 2024-30 प्रभावशील है। उन्होंने महिला श्रमिकों से संबंधित शिकायतों के निराकरण के विषय में प्रश्न किया कि राज्य में महिला श्रमिकों के वेतन, भत्ते, सुरक्षा, यौन उत्पीड़न आदि से जुड़ी कितनी शिकायतें विगत 2 वर्षों में प्राप्त हुईं हैं ? प्राप्त शिकायतों में से कितनी शिकायतों का निराकरण किया गया है एवं क्या महिला श्रमिकों के लिए विशेष हेल्पलाइन या ऑनलाइन शिकायत पोर्टल उपलब्ध है? महिला श्रमिकों के मातृत्व अवकाश या अन्य संबंधित अधिकारों का उल्लंघन होने पर विभाग ने अब तक क्या कार्रवाई की है? जिसके लिखित प्रतिउत्तर में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री जी ने बताया कि श्रम विभाग को छत्तीसगढ़ राज्य में महिला श्रमिकों के वेतन, भत्ते, सुरक्षा, यौन उत्पीड़न आदि से जुड़ी 289 शिकायतें विगत 2 वर्षों (2024 एवं 2025) में प्राप्त हुई हैं। विभाग को प्राप्त शिकायतों में से 250 शिकायतों का निराकरण किया गया है। महिला श्रमिकों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर या ऑनलाइन शिकायत पोर्टल नहीं है। महिला श्रमिकों के मातृत्व अवकाश या अन्य संबंधित अधिकारों का उल्लंघन होने पर विभाग द्वारा कार्यवाही की गई।

 

भावना बोहरा ने इन्वेस्टर कनेक्ट और स्थानीय रोजगार देने के नियमों के पालन के सन्दर्भ में प्रश्न किया कि अप्रैल 2024 से जनवरी, 2026 तक विभिन्न आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट समिट कार्यक्रम या अन्य निवेश सम्मेलनों में कुल कितने करोड़ रुपये के MoU हस्ताक्षरित हुए हैं? उपरोक्त MOU में से कितनी इकाइयों ने धरातल पर कार्य (भूमि आबंटन/उत्पादन) शुरू कर दिया है? तथा क्या राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत स्थापित उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 70% से अधिक रोजगार देने के नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या विभाग ने पिछले 3 महीनों में निरीक्षण किया है? इसके लिखित प्रतिउत्तर में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री जी ने बताया कि अप्रैल, 2024 सेजनवरी, 2026 तक विभिन्न आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट/समिट कार्यक्रम या अन्य निवेश सम्मेलनों में कुल 5,51,524.87 करोड़ रुपये के इनविटेशन टू इन्वेस्ट/अभिस्वीकृति पत्र निष्पादित किये गए हैं। उपरोक्त इनविटेशन टू इन्वेस्ट/अभिस्वीकृति पत्र में से 12 इकाईयों को भूमि आबंटन किया गया है जिनमें से 08 इकाईयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति के तहत स्थापित उद्योगों में स्थानीय युवाओं को कुशल श्रेणी में 70% एवं अधिक रोजगार देने के नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने पिछले 3 महीनों में कुल 167 निरीक्षण किया है, निरीक्षण में नियम का उल्लंघन करने वाली इकाईयों की संख्या निरंक है।

 

भावना बोहरा ने प्रश्न पूछा कि क्या राजधानी में सड़कों के बीच डिवाईडर पर लगे सभी विज्ञापन पोल शासकीय हैं ? यदि हां, तो इन विज्ञापन पोल के माध्यम से शासन के कितनी आय हुई है ? शासकीय संपत्ति पर लगे इन पोल से किस दर पर किराया लिया जा रहा है ? जिसके लिखित उत्तर में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव जी ने बताया कि राजधानी में सड़कों के बीच डिवाईडर पर लगे सभी विज्ञापन पोल शासकीय (नगर पालिक निगम रायपुर के स्वामित्व) हैं। नगर पालिक निगम रायपुर शहर के रोड डिवाईडर में लगे मिनी यूनिपोल, क्योरक पोल एवं पॉयलान बोर्ड के माध्यम से दिनांक 09.02.2026 तक कुल राशि रू. 19,90,51,257.00 की आय हुई है। शासकीय संपत्ति (नगर पालिक निगम रायपुर के स्वामित्व) के रोड डिवाईडर में लगे मिनी यूनिपोल, क्योरक पोल एवं पॉयलान बोर्ड को निविदा के माध्यम से अधिकतम दर वाले एजेंसी को अनुबंधित कर किराया लिया जा रहा है।

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