
छत्तीसगढ़ में मेडिकल सीटों के स्थानीय कोटे को 50% से घटाकर 25% किए जाने का निर्णय प्रदेश के विद्यार्थियों के भविष्य पर सीधा हमला है। यह फैसला किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और प्रदेश की जनभावनाओं के खिलाफ है।

कवर्धा NSUI जिला महासचिव अमन वर्मा स्पष्ट रूप से बताते हैं कि वे JDA–CDF के 50% स्थानीय कोटे की बहाली की मांग का पूरा समर्थन करते हैं।
छात्रों के अधिकारों और स्थानीय अभ्यर्थियों के अवसरों पर इस तरह की कटौती छात्र-विरोधी कदम है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हमारी मुख्य मांगें:
1.मेडिकल सीटों का स्थानीय कोटा तुरंत 50% पुनः बहाल किया जाए।
2.छात्रों के हितों के विरुद्ध लाए गए इस तुगलकी फरमान को तुरंत वापस लिया जाए।
3.सरकार छात्र हितों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता रखे और किसी भी नीति-निर्णय से पहले संबंधित पक्षों से चर्चा करे।
यह निर्णय प्रदेश के युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेलता है और इसे तुरंत रद्द किया जाना अनिवार्य है।
NSUI इस भ्रष्ट और छात्र-विरोधी नीति के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाती रहेगी।
— अमन वर्मा
जिला महासचिव, NSUI कवर्धा









