
कवर्धा/बोड़ला
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सारंगपुरकला के व्याख्याता सी.पी. चंद्रवंशी गरीब परिवार के बच्चों की शिक्षा में लगातार उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने कक्षा 10वीं की दो प्रतिभावान छात्राएँ — पूनम साहू और अंजली अनंत — को बेहतर स्वास्थ्य एवं सुचारू अध्ययन के लिए अपने निजी खर्च से स्वास्थ्य और नेत्र जांच के लिए निजी डॉक्टरों के पास ले जाकर परीक्षण करवाया।

दोनों छात्राओं को दवाई, पौष्टिक स्वल्पाहार और आंखों की समस्या को दूर करने हेतु चश्मा उपलब्ध कराया गया।
30 वर्षों से निस्वार्थ सेवा
चंद्रवंशी सर पिछले तीन दशकों से गरीब छात्र-छात्राओं के लिए अनेक तरह से सहयोग प्रदान करते आ रहे हैं—
रोजाना स्कूल समय से 1 घंटा पहले नि:शुल्क ट्यूशन
जरूरतमंद विद्यार्थियों की फीस में सहयोग
किताबें, कॉपियां, जूते, गणवेश उपलब्ध कराना
मेधावी एवं कमजोर छात्रों के लिए नगद पुरस्कार की परंपरा
कई छात्र पहुँचे सरकारी नौकरी में
इनके मार्गदर्शन का परिणाम है कि इनके पढ़ाए कई विद्यार्थी आज शासकीय सेवाओं में कार्यरत हैं—
खेलिन सत्यवंशी — A.D.E.O.
दया भारती — डॉक्टर
विद्या भारती — नर्स
पिछले वर्ष पढ़ाई छोड़ने जा रहे छात्र वर्मा को भी इन्होंने घर जाकर प्रोत्साहित किया, जिसके बाद उसने 12वीं में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होकर कॉलेज में प्रवेश लिया।
2025 में मेधावी छात्रों को नकद पुरस्कार
इस वर्ष 90% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः—
करण साहू — ₹3000
टिकेश्वर साहू — ₹2000
अनिल साहू — ₹1000
नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।
साथ ही गरीब प्रतिभावान छात्रा मनीषा निषाद की फीस भी चंद्रवंशी सर ने पिछले वर्ष और इस वर्ष भरी।
“गरीब बच्चों की मदद करना मेरे लिए आत्मिक सुख” — सी.पी. चंद्रवंशी
चंद्रवंशी सर कहते हैं,
“मेरे छात्र जीवन में भी कई बार फीस भरने के पैसे नहीं होते थे। पिता के साथ मज़दूरी की और कॉलेज के दिनों में ट्यूशन पढ़ाकर पढ़ाई पूरी की। इसलिए गरीबी का दर्द समझता हूँ। गरीब बच्चों की सहायता करने से मुझे आत्मिक सुख मिलता है।”
सी.पी. चंद्रवंशी की यह समाजसेवी और शिक्षकीय पहल क्षेत्र में प्रेरणा का उदाहरण बनी हुई है।









