
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) कवर्धा इकाई द्वारा आज भगवान बिरसा मुंडा की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजनांदगांव विभाग के शारीरिक शिक्षण प्रमुख श्री सीताराम धुर्वे जी ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, उनके संघर्ष, आदिवासी समाज के उत्थान के लिए उनके आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा भारतीय इतिहास में जनप्रतिरोध और साहस के प्रतीक रहे हैं। उनके विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं ।
अभाविप जिला संयोजक गजाधर वर्मा ने कहां की बिरसा मुंडा केवल एक जननायक नहीं रहे बल्कि उन्हें लोगों ने भगवान की उपाधि देना प्रारंभ कर दिए, क्योंकि वे लोगों की बिमारियों को जड़ी बूटी का ज्ञान होने के कारण उनका उपयोग कर ठीक करने लोगे, उन्होंने हिन्दू देवी देवताओं के खिलाफ ईसाईयों द्वारा फैलाएं भ्रम को खत्म किया और धर्मांतरण के विरूद्ध जंग छेड़ दी जिससे लोगों का उनकी प्रति विश्वास बढ़ने लगा और जब भी वे जनसभा करते हजारों की भीड़ एक साथ एकत्रित हो जाते इस प्रकार से उन्हें धरती आबा के नाम से भी जाने, जाने लगा ।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चलते हुए समाज और राष्ट्र की सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में जनभागीदारी बढ़ाने का संकल्प लिया, यह संगोष्ठी पीजी कॉलेज में ही नहीं बल्कि जनजाति कन्या छात्रावास में भी आयोजित की गई जिससे की भगवान बिरसा मुंडा का संदेश जन जन तक पहुंच पाएं, इस आयोजन में मुख्य रूप से वनवासी कल्याण आश्रम के जिला अध्यक्ष रघुवीर मेरावी जी, नगर मंत्री परमेश्वर साहू, प्रिंसनाथ योगी , अनिल यादव, गजेन्द्र व कालेज व छात्रावास के विधार्थी उपस्थित रहे ।









