
बोड़ला (कबीरधाम):
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विकासखंड बोड़ला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सारंगपुरकला में योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी, एसएमडीसी सदस्य, पालकगण और ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

योग प्रशिक्षक गुनीराम द्वारा योगासन एवं प्राणायाम की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराया गया। उन्होंने प्रत्येक आसन के लाभ और उसे करने की उचित विधि को विस्तार से समझाया। सभी सहभागियों ने अपने स्वास्थ्य के अनुसार योगाभ्यास किया और इस विशेष आयोजन में सहभागी बनकर प्रसन्नता व्यक्त की।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहे ग्राम के वरिष्ठजन – 73 वर्षीय भागीरथी चंद्रवंशी, 74 वर्षीय गोकुल चंद्रवंशी और 73 वर्षीय सफेरुद्दीन खान, जिन्होंने युवाओं के साथ मिलकर योग किया और स्वास्थ्य के प्रति सजगता का संदेश दिया।
विद्यालय स्टाफ ने सुबह 6 बजे से ही टाटपट्टी, चटाई, मेट और ध्वनि व्यवस्था जैसे तैयारियों को पूर्ण कर लिया था। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकों की अहम भूमिका रही।
ग्राम सरपंच राजेश चंद्रवंशी ने सहभागिता के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘‘आप सभी की उपस्थिति यह दर्शाती है कि आपको अपने गांव और विद्यालय से आत्मीय लगाव है।’’
ग्राम पटेल भागीरथी चंद्रवंशी ने अपने बाल्यकाल की यादों को साझा करते हुए कहा कि गुरुकुल परंपरा में योग का अहम स्थान था, जो आज पुनः लौटकर आ रहा है।
व्याख्याता विमला महोबिया ने आंतरिक प्राणायाम की विस्तृत जानकारी देते हुए इसके लाभों को बताया।
प्रभारी प्राचार्य सी. पी. चंद्रवंशी ने कहा – “आज के दौर में योग और प्राणायाम की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। रासायनिक खाद और कीटनाशकों के उपयोग से हमारे भोजन विषाक्त हो रहे हैं, ऐसे में योग ही हमारी प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने का सर्वोत्तम उपाय है। सभी इसे जीवन का हिस्सा बनाएं।”
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ व्याख्याता एम. पी. चंद्रवंशी ने किया, और सभी को नियमित योग करने की प्रेरणा दी।
आर. के. तितरमारे द्वारा इस आयोजन का वीडियो रिकॉर्ड कर समूहों में साझा किया गया।
इस अवसर पर राजेश गुप्ता, हरिराम साहू, डॉ. कुमेश साहू, तुलसी निषाद समेत कई पालकगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
नारा रहा – “करो योग, रहो निरोग!”
यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का उदाहरण बना, बल्कि ग्राम-विद्यालय सहभागिता की मिसाल भी पेश की।









