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कवर्धा में शासकीय नाले की जमीन पर प्लाटिंग की शिकायत, एक माह बाद भी जांच बेनतीजा!

तालपुर में 1.9140 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर कब्जे और विक्रय के आरोप, सात सदस्यीय जांच टीम की कार्रवाई पर उठे सवाल

कवर्धा। कबीरधाम जिले के कवर्धा शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में शासकीय जमीन, नहरों और नालों पर कथित कब्जे कर अवैध प्लाटिंग एवं जमीन बेचने के मामले सामने आने के बीच ग्राम तालपुर का मामला भी चर्चा में है। यहां शासकीय नाले की जमीन पर कथित रूप से अवैध प्लाटिंग करने और नाले की भूमि का विक्रय किए जाने की शिकायत के बाद भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आने से राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम तालपुर में खसरा नंबर 86, रकबा 1.9140 हेक्टेयर की शासकीय भूमि पर स्थित नाले की जमीन को दबाकर अवैध प्लाटिंग किए जाने और भूमि का विक्रय करने की शिकायत की गई है। इस मामले में युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव आकाश केशरवानी द्वारा शिकायत किए जाने के बाद तहसीलदार कवर्धा ने जांच के लिए सात सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम में पांच पटवारी और दो राजस्व निरीक्षकों को शामिल किया गया है। शिकायत के बाद जांच टीम गठित कर जल्द प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की बात कही गई थी, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आने से जांच की समय-सीमा और कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

सवालों के घेरे में राजस्व विभाग की कार्रवाई

 

शासकीय नाले और जल निकासी की भूमि पर यदि अवैध कब्जा या जमीन का विक्रय हुआ है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में देरी से आम लोगों के बीच संदेह पैदा होता है और शासकीय भूमि की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती है। अब सवाल यह है कि सात सदस्यीय जांच टीम ने अब तक स्थल निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच पूरी की है या नहीं जांच प्रतिवेदन तैयार होने में देरी क्यों हो रही है शासकीय जमीन जनता की संपत्ति है, किसी की निजी कमाई का साधन नहीं। प्रशासन को चाहिए कि तालपुर के इस मामले में जांच की स्थिति स्पष्ट करे, प्रतिवेदन सार्वजनिक करे और अनियमितता प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे।

 

अवैध प्लाटिंग कर दर्जनों खसरों में काटे गए प्लॉट

 

शासकीय नाले की भूमि और जल निकासी के मार्ग पर अतिक्रमण की आशंका, जांच और कार्रवाई पर उठे सवाल ग्राम तालपुर में नाले से लगी जमीनों पर खसरा क्रमांक 82/201, 82/178, 95, 96/1, 96/11, 96/3, 92/11 और 80/1 सहित दर्जनों खसरों में प्लॉट काटे जाने की जानकारी सामने आने के बाद भूमि के सीमांकन, प्लाटिंग की वैधता और नाले की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में प्रमुख चिंता यह है कि कहीं प्लाटिंग के दौरान शासकीय नाले की भूमि अथवा प्राकृतिक जल निकासी के मार्ग को प्रभावित तो नहीं किया गया है। यदि ऐसा हुआ है, तो इससे भविष्य में जल निकासी बाधित होने और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इन खसरों में की गई प्लाटिंग की वैधानिक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित भूमि का सीमांकन, राजस्व अभिलेखों का सत्यापन और प्लाटिंग के लिए आवश्यक अनुमतियों की जांच जरूरी है। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि नाले की वास्तविक सीमा निर्धारित कर उसे सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

 

पेट्रोल पंप से ट्रैक्टर शोरूम तक जलभराव से आवागमन प्रभावित, 6 एकड़ नाले का पता नहीं

ग्राम तालपुर में नाले की भूमि और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बारिश के दौरान रायपुर से बिलासपुर-जबलपुर जाने वाले राष्ट्रीय मार्ग पर पेट्रोल पंप से ट्रैक्टर शोरूम तक पानी जमा हो जाता है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। लगातार जलभराव के कारण सड़क क्षतिग्रस्त होने की समस्या भी सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार, खसरा क्रमांक 86 में 4 एकड़ 75 डिसमिल तथा खसरा क्रमांक 78 में 1 एकड़ 20 डिसमिल नाले की भूमि दर्ज होने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद नाले की वर्तमान स्थिति, उसकी मूल चौड़ाई और जल निकासी के लिए उपलब्ध रास्ते को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह जांच का विषय है कि नाला संकरा होने के पीछे क्या कारण हैं और क्या नाले की भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण हुआ है। यदि प्राकृतिक जल निकासी का मार्ग बाधित हुआ है, तो इसका असर आसपास की कॉलोनियों और राष्ट्रीय मार्ग पर पड़ना स्वाभाविक है। अब राजस्व एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग है कि खसरा क्रमांक 86 और 78 का सीमांकन कर नाले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही, जलभराव के कारणों की जांच कराकर जल निकासी व्यवस्था बहाल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।

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