
कबीरधाम। गुरु और शिष्य का रिश्ता केवल शिक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि एक सच्चा गुरु अपने शिष्य के भविष्य को संवारने के लिए हर संभव प्रयास करता है। कबीरधाम जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सारंगपुरकला में पदस्थ व्याख्याता सीपी चंद्रवंशी की ऐसी ही संवेदनशीलता और उदारता की कहानी सामने आई है, जिसने एक विद्यार्थी के जीवन की दिशा बदल दी।

उनके शिष्य चंद्रेश वर्मा ने अपने जीवन से जुड़ा एक भावुक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि किस तरह सीपी चंद्रवंशी सर की मदद ने उनका एक साल बर्बाद होने से बचा लिया।
परीक्षा से एक दिन पहले बिगड़ी थी तबीयत
चंद्रेश वर्मा के अनुसार, जब वे कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले थे, उससे ठीक एक दिन पहले उनकी तबीयत काफी खराब हो गई थी। उनकी शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे साइकिल चलाकर परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें। ऐसे में परीक्षा छूटने और उनका एक साल बर्बाद होने की आशंका बढ़ गई थी।
जब इस स्थिति की जानकारी व्याख्याता सीपी चंद्रवंशी को मिली, तो उन्होंने छात्र की परेशानी को समझते हुए उसे अपने घर बुला लिया। उन्होंने चंद्रेश से कहा कि वह उसी शाम उनके घर आ जाए, ताकि अगले दिन परीक्षा दिलाई जा सके।
अपने घर पर रखा, भोजन कराया और गाड़ी से पहुंचाया परीक्षा केंद्र
चंद्रेश वर्मा ने बताया कि सीपी चंद्रवंशी सर ने उन्हें अपने घर पर रखा, अपने हाथों से बनाया भोजन खिलाया और अगले दिन अपनी गाड़ी से स्वयं परीक्षा केंद्र लेकर गए। शिक्षक के इस निःस्वार्थ सहयोग के कारण वे अपनी बोर्ड परीक्षा दे सके और उनका एक साल बर्बाद होने से बच गया।
चंद्रेश के मुताबिक, आज वे पशु चिकित्सक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और खुशहाल जीवन जी रहे हैं। वे मानते हैं कि उस कठिन समय में सीपी चंद्रवंशी सर द्वारा की गई मदद ने उनके जीवन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गुरु के उपकार को याद कर भावुक हुए शिष्य
चंद्रेश वर्मा ने भावुक होते हुए कहा कि जिस शिक्षक ने कठिन समय में उन्हें सहारा दिया, उनकी आंखें आज भी उस घटना को याद करके नम हो जाती हैं। वे ईश्वर से अपने गुरु की खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।
चंद्रेश के अनुसार, सीपी चंद्रवंशी सर विद्यार्थियों के हित में लगातार कार्य करते रहते हैं। कई बार वे अपने द्वारा किए गए सहयोग को भी याद नहीं रख पाते, लेकिन उनके शिष्य उन कार्यों को आज भी अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।
शिक्षा के साथ इंसानियत की मिसाल हैं सीपी चंद्रवंशी
विकासखंड बोड़ला, जिला कबीरधाम के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सारंगपुरकला में पदस्थ व्याख्याता सीपी चंद्रवंशी अपने छात्रहितैषी व्यवहार और सहयोगात्मक कार्यों के लिए जाने जाते हैं। चंद्रेश वर्मा का यह अनुभव बताता है कि एक शिक्षक की संवेदनशीलता, समय पर मिला सहयोग और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण किस तरह किसी के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान दे सकता है।
यह कहानी केवल एक शिक्षक की उदारता का वृतांत नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा, मानवीय संवेदना और निःस्वार्थ सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल है।


