
आज भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) कबीरधाम के जिला महासचिव अमन वर्मा के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी, कबीरधाम को ज्ञापन सौंपकर शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के अंतर्गत नर्सरी कक्षा को पुनः शामिल करने की मांग की गई।

इस दौरान NSUI प्रदेश सचिव आनंद चंद्रवंशी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ सरकार शिक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है वहीं दूसरी तरफ गरीब श्रमिक और वंचित वर्ग के बच्चों से नर्सरी जैसी बुनियादी शिक्षा का अधिकार छीना जा रहा है। RTE के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा का अवसर मिलता रहा है, लेकिन नर्सरी कक्षा को RTE से बाहर कर भाजपा सरकार ने गरीब बच्चों के भविष्य पर सीधा प्रहार किया है।

NSUI जिला महासचिव अमन वर्मा ने कहा कि नर्सरी शिक्षा बच्चों के जीवन की पहली सीढ़ी है और इसी सीढ़ी को तोड़कर भाजपा सरकार गरीब परिवारों के बच्चों को शुरुआत में ही शिक्षा की दौड़ से बाहर करना चाहती है। यह फैसला केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि गरीब विरोधी, छात्र विरोधी और सामाजिक न्याय के खिलाफ साजिश है।
NSUI पूर्व जिला अध्यक्ष मेहुल सत्यवंशी ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा की बात कम और गरीब बच्चों का हक छीनने का काम ज्यादा कर रही है। नर्सरी को RTE से बाहर करना साफ बताता है कि इस सरकार की नीयत वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा से दूर रखने की है। NSUI इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने आगे कहा कि यदि शासन-प्रशासन ने शीघ्र नर्सरी कक्षा को पुनः RTE के अंतर्गत शामिल करने की पहल नहीं की तो NSUI सड़क से लेकर कार्यालय तक उग्र आंदोलन करेगी। गरीब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को जनता जवाब देगी।
NSUI जिला महासचिव प्रवीण वर्मा ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से शासन-प्रशासन से मांग की है कि नर्सरी कक्षा को तत्काल पुनः RTE के दायरे में लाया जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर, श्रमिक एवं वंचित वर्ग के बच्चों को भी प्रारंभिक शिक्षा का समान अवसर मिल सके।
संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई, तो NSUI जनहित में जोरदार आंदोलन छेड़ेगी जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रमुखरूप से NSUI जिला महासचिव नरेंद्र वर्मा,जिला सचिव राहुल तोंडरे, विधानसभा उपाध्यक्ष अमन बर्वे, विधानसभा सचिव तुषार वर्मा, ऋषिराज वर्मा, अरविंद चंद्रवंशी रामनारायण वर्मा, कनक कौशिक, रूपेश साहू, सुजल ठाकुर, वैभव ठाकुर, आशीष साहू उपस्थित रहे।









