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प्रभारी प्राचार्य सी.पी. चंद्रवंशी के नेतृत्व में शैक्षणिक भ्रमण, विद्यार्थियों में प्रकृति व देशप्रेम की भावना विकसित

कबीरधाम | बोड़ला

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सारंगपुरकला, विकासखंड बोड़ला, जिला कबीरधाम के विद्यार्थियों ने प्रभारी प्राचार्य श्री सी.पी. चंद्रवंशी के नेतृत्व में एक अनुभवात्मक एवं ज्ञानवर्धक शैक्षणिक भ्रमण में भाग लिया। यह भ्रमण दिनांक 22 दिसंबर 2025 से 26 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया गया, जिसमें विद्यालय के 80 विद्यार्थी, 6 शिक्षक, एसएमडीसी अध्यक्ष राजेन्द्र यादव एवं सदस्य परमेश्वर चंद्रवंशी उपस्थित रहे।

इस शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत विद्यार्थियों ने उज्जैन महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर (ममलेश्वर महादेव), सांची स्तूप तथा भेड़ाघाट जलप्रपात जैसे ऐतिहासिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण किया। सांची स्तूप के भ्रमण के दौरान प्रभारी प्राचार्य सी.पी. चंद्रवंशी ने विद्यार्थियों को 200 रुपए के नोट पर अंकित सांची स्तूप के चित्र से वास्तविक स्तूप का मिलान कराते हुए देश की सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत अनुभव कराया। इससे विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति गर्व एवं प्रेम की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर एवं ओंकारेश्वर में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ममलेश्वर महादेव के दर्शन कर विद्यार्थियों ने आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया। बच्चों ने जाना कि किस प्रकार ईश्वर ने प्रकृति के माध्यम से मानव जीवन को शांति, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान की है।

भेड़ाघाट जलप्रपात, सिहावा क्षेत्र एवं जबलपुर, मंडला व उज्जैन जिलों के प्राकृतिक वन क्षेत्रों में वन्यजीवों, पर्वतों एवं उनकी उत्पत्ति के इतिहास की जानकारी दी गई। इससे विद्यार्थियों को प्रकृति की अद्भुत रचनाओं के प्रति सम्मान एवं संरक्षण की भावना समझ में आई।

प्राचार्य सी.पी. चंद्रवंशी ने बताया कि विद्यार्थी जीवन ही ऐसा स्वर्णिम अवसर होता है, जब प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से ज्ञान अर्जित किया जा सकता है। इस प्रकार के भ्रमण से न केवल ऐतिहासिक व धार्मिक जानकारी मिलती है, बल्कि शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि भ्रमण से शरीर में कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड एवं एलडीएल जैसे हानिकारक तत्वों में कमी आती है, जिससे शरीर पुनः ऊर्जावान होता है।

इस भ्रमण के दौरान डी.आर. साहू, एम.पी. चंद्रवंशी, आर.आर. चंद्रवंशी, रविकांत तितरमारे एवं एच.एल. भास्कर द्वारा विद्यार्थियों को विभिन्न धार्मिक एवं पुरातात्विक स्थलों की ऐतिहासिक महत्ता से निरंतर अवगत कराया गया।

कुल मिलाकर यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, अनुभव, आध्यात्मिकता और प्रकृति से जुड़ाव का एक अविस्मरणीय अवसर साबित हुआ।

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