
मानवता की सबसे बड़ी सेवा मानी जाने वाली क्रिया—रक्तदान—के महत्व को चरितार्थ करते हुए सेवार्थ विद्यार्थी छत्तीसगढ़ प्रांत एवं अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के तत्वावधान में आज पूरे छत्तीसगढ़ में रक्तदान महाअभियान का सफल आयोजन कवर्धा के पीजी कॉलेज आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल रक्तदान का कार्यक्रम भर नहीं रहा, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और समर्पण की भावना को प्रज्वलित करने वाला ऐतिहासिक क्षण सिद्ध हुआ।

पूरे छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में फैले इस महाअभियान में हजारों की संख्या में युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं और समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जगह-जगह आयोजित रक्तदान शिविरों में उमड़े जनसैलाब ने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की धरती पर सेवा और करुणा की चेतना कितनी गहरी है।
समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत इस महाअभियान ने केवल रक्तदान तक सीमित न रहते हुए समाज को एक व्यापक संदेश दिया—”रक्तदान जीवनदान है, और जीवनदान सबसे बड़ा दान है।” शिविरों में आए अनेक युवा पहली बार रक्तदान कर रहे थे। उनके चेहरे पर गर्व और संतोष का भाव इस बात का प्रमाण था कि आज की युवा शक्ति समाजहित और राष्ट्रहित के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए तैयार है
सेवार्थ विद्यार्थी छत्तीसगढ़ प्रांत के प्रदेश संयोजक तुलसी यादव बताया पूरे छत्तीसगढ़ में एक ही दिन में हजारों लोगों का रक्तदान करना यह बताता है कि सेवा की भावना हमारे समाज की आत्मा में बसी हुई है। यह आयोजन केवल रक्तदान का महाअभियान नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और मानवता की रक्षा करने का अभियान है। जिस प्रकार युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने समान रूप से भागीदारी निभाई है, वह आने वाली पीढ़ी के लिए भी प्रेरणास्रोत रहेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि रक्तदान जैसे अभियानों से समाज में सहयोग और संवेदना की धारा और प्रबल होती है। जब भी कोई ज़रूरतमंद रोगी अस्पताल में जीवन-मरण के बीच संघर्ष करता है, तब यही रक्त उसकी जीवनरेखा बन जाता है। इसलिए हर व्यक्ति को वर्ष में कम से कम दो बार रक्तदान कर मानवता की इस परंपरा को निभाना चाहिए। सेवा और परोपकार की धारा में बहता यह रक्तदान महाअभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के लिए मानवता का पर्व था। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की धरती केवल संस्कृति और परंपरा में ही नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना में भी अग्रणी है।आज का यह ऐतिहासिक आयोजन हमें याद दिलाता है कि –
“एक बूंद रक्त, कई जीवन बचा सकता है। सेवा ही सच्चा धर्म है, और रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं।”
सेवार्थ विद्यार्थी आने वाले दिनों में भी समाज के लिए इसी प्रकार प्रेरणा और सेवा की ज्योति जलाते रहेंगे

अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद ने इस महाअभियान में केंद्रीय भूमिका निभाई। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल रक्त संग्रह करना नहीं, बल्कि समाज के बीच एक सकारात्मक संदेश पहुँचाना था।
“रक्तदान महादान है। इससे बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं। जब समाज के युवा सेवा पथ पर निकलते हैं तो हर कठिनाई आसान हो जाती है। इस आयोजन से यह साबित हो गया कि सामूहिक शक्ति से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है।
आयोजन समिति ने सभी रक्तदाताओं, सहयोगी संस्थाओं, महाविद्यालयों और समाजबंधुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। उनका मानना है कि इस महाअभियान की सफलता प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता के कारण ही संभव हुई।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला संयोजक गजाधर वर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अजय साहू नगर मंत्री परमेश्वर साहू हीरेंद्र बघेल खेमलाल साहू, प्रिंस योगी उदय तिवारी, मानस मिश्रा वेदांत चौहान रूपेश भट्ट विनय ठाकुर अनिल यादव और अन्य प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।









