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कबीरधाम जिले में अपात्र पाए जाने पर हटाए गए सभी 2234 मतदाताओं की जांच आयोग करें

फर्जी तौर पर जमा किए गए फार्म 7 की भी जांच हो

कबीरधाम जिले में मतदाता सूची को लेकर हुए एसआईआर में कुल 2234 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इनमें ऐसे लोग हैं, जिनका दो स्थानों में नाम है, मृत हो गए हैं, या नियमानुसार मतदाता सूची से हटाए जाने योग्य हैं। इन सभी 2234 मतदाताओं की स्वतंत्र जांच चुनाव आयोग कराए, कांग्रेस पार्टी पूरा सहयोग करेगी। यदि नियम-विरुद्ध किसी का नाम मतदाता सूची में है, तो जरूर हटना चाहिए।

ऐसे मामलों की भी जांच होनी चाहिए जिसमें बहुत से मतदाताओं के संबंध में फर्जी फार्म 7 भरे गए, जिसके कारण पात्र होने के बावजूद उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। चुनाव आयोग संज्ञान ले और ऐसे मामलों की भी स्वतंत्र जांच कराए। सिफ्टेड और अबसेंट बताकर जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन मामलों की भी जांच कर पात्र पाए जाने पर उनके नाम मतदाता सूची में जोड़े जाने चाहिए।

 

वोट चोरी को लेकर पूरे देश में विरोध स्वरूप आंदोलन चल रहा है, अब विदेशों में भी वोट चोर-गद्दी छोड़ के नारे लग रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने भी वोट “बचाओं देश बचाओं” अभियान की तैयारी तेज कर दी है। 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक राज्य और जिला मुख्यालयों में पत्रकार वार्ताएं आयोजित की जायेंगी। गांवों में वोट बचाओं चौपाल का भी आयोजन किया जायेगा।

 

देश में भारत निर्वाचन आयोग है, न कि भारत सरकार निर्वाचन आयोग। इसलिए जब आयोग से सवाल पूछे जाते हैं, तो आयोग को ही सामने आकर जवाब देना चाहिए न कि सरकारी प्रवक्ताओं को। राज्य में 19 लाख 13 हजार मतदाता अबसेंट/सिफ्टेड के कारण मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस में जीत-हार का अंतर 6 लाख 32 हजार मतों का है, जबकि इससे चार गुना अधिक 24 लाख 99 हजार मतदाताओं के नामों को मतदाता सूची से हटा दिया गया है। आयोग से मांग है कि इनमें जो भी पात्र पाए जाते हैं, उनके नामों को फिर से जोड़ा जाए ताकि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव हो सकें।

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