
कबीरधाम। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) जिला कबीरधाम के कार्यकर्ताओं ने आज शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पोलमी में पदस्थ व्याख्याता मोहम्मद फिरोज खान के विरुद्ध गंभीर शिकायतों को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया तथा जिला प्रशासन से जाँच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की।

अभाविप का कहना है कि विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं उनके पालकों द्वारा संबंधित व्याख्याता के व्यवहार को लेकर गंभीर शिकायतें की गई हैं। शिकायतों में विद्यार्थियों के धार्मिक रीति-रिवाजों, जैसे मौली धागा पहनने एवं माथे पर तिलक लगाने को लेकर आपत्ति करने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने तथा छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार के आरोप शामिल हैं। परिषद ने इन शिकायतों को विद्यार्थियों की सुरक्षा, सम्मान एवं विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
परिषद ने यह भी कहा कि उक्त प्रकरण की जाँच के लिए गठित समिति द्वारा घटना की पुष्टि किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसी स्थिति में जाँच समिति की रिपोर्ट एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
इस अवसर पर अभाविप के कार्यकर्ता मुस्कान पटेल ने बताया कि विद्यालय शिक्षा एवं संस्कार का केंद्र होता है। यहाँ प्रत्येक विद्यार्थी को बिना किसी भेदभाव के शिक्षा प्राप्त करने तथा अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक मान्यताओं के प्रति सम्मान पाने का अधिकार है। विद्यार्थियों की सुरक्षा, सम्मान एवं धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े ऐसे गंभीर मामलों में प्रशासन को निष्पक्ष जाँच कर दोष सिद्ध होने पर कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। विद्यार्थियों के हितों एवं सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वहीं, परिषद की कार्यकर्ता ममता साहू ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव अथवा अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। शिक्षा के मंदिर में प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित वातावरण मिलना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जाँच समिति की रिपोर्ट के आधार पर शीघ्र उचित कार्रवाई की जाए तथा जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में आवश्यक निरीक्षण कर विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
नगर मंत्री गजेंद्र राजपूत ने बताया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान का वातावरण मिलना चाहिए। विद्यार्थियों के साथ किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार या भेदभाव होने की शिकायत को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि संबंधित प्रकरण की जाँच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई की जाए तथा विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
अभाविप ने जिला प्रशासन से मांग की कि संबंधित प्रकरण में जाँच समिति की रिपोर्ट एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। छात्राओं से संबंधित शिकायतों की गंभीरता से जाँच की जाए तथा यदि जाँच में पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत अपराध के तथ्य सामने आते हैं, तो नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, शिकायतकर्ताओं को जाँच एवं कार्रवाई की प्रगति से अवगत कराया जाए तथा जिले के सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, धार्मिक एवं सांस्कृतिक मान्यताओं के सम्मान और अनुशासन को सुनिश्चित किया जाए।
परिषद ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के अधिकारों, सम्मान एवं सुरक्षा की रक्षा करना उसकी प्राथमिकता है। प्रशासन को इस गंभीर विषय पर शीघ्र निर्णय लेते हुए नियमानुसार उचित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो।
आंदोलन में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे :
अभाविप जिला संयोजक मानस मिश्रा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गजाधर वर्मा, कवर्धा नगर मंत्री गजेंद्र राजपूत, ईश्वर वर्मा, हिरेंद्र बघेल, अजय साहू, तुलसी यादव, कालेश्वर निर्मलकर, गोपाल जायसवाल, रूपेश भट्ट, वेदांत चौहान,पूर्णेन्द्र झरिया, वाणी झरिया, ममता साहू, चंद्रकाली धुर्वे, दानेश्वर चंद्रोल, लोकेश चंद्रशेखर चंद्रवंशी, मुस्कान पटेल, मोहित साहू, मनीष साहू, मुस्कान, मधु ठाकुर, राखी ठाकुर, सुनीता, ममता प्रशंस वर्मा ,हिमाचल सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


