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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आमंत्रण कार्ड पर सियासी हलचल!

विशिष्ट अतिथियों की सूची से कवर्धा जनपद अध्यक्ष का नाम गायब, चर्चाओं का बाजार गर्म

कवर्धा। 21 जून को आयोजित होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम से पहले ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वजह है कार्यक्रम के आमंत्रण कार्ड में कवर्धा जनपद पंचायत अध्यक्ष सुषमा गणपत बघेल का नाम विशिष्ट अतिथियों की सूची से गायब होना।

जानकारी के अनुसार, कवर्धा के पीजी कॉलेज डोम में आयोजित होने वाले इस बड़े कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में कई जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। इनमें जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, गौ सेवा आयोग अध्यक्ष विशेषण पटेल तथा छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी के नाम प्रमुखता से प्रकाशित किए गए हैं।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिले की महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि और जनपद पंचायत अध्यक्ष सुषमा गणपत बघेल का नाम आमंत्रण कार्ड में कहीं नजर नहीं आ रहा। इसे लेकर अब तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

 

सवालों के घेरे में आयोजन समिति

 

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जनपद अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन जनप्रतिनिधि का नाम सूची से गायब होना महज संयोग है या फिर इसके पीछे कोई और वजह है? यह सवाल अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

 

सुषमा बघेल ने जताई नाराजगी

 

सूत्रों के मुताबिक, नाम नहीं होने को लेकर सुषमा गणपत बघेल ने भी नाराजगी व्यक्त की है। उनका मानना है कि जिले के एक महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें कार्यक्रम में अपेक्षित सम्मान नहीं दिया गया। इसके बाद से राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर और तेज हो गया है।

 

चर्चा का विषय बना मामला

 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे राष्ट्रीय महत्व के आयोजन से पहले उठा यह विवाद अब जिले की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर कवर्धा जनपद अध्यक्ष का नाम विशिष्ट अतिथि सूची से क्यों हटाया गया? क्या यह प्रशासनिक चूक है, प्रोटोकॉल की अनदेखी है या फिर इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश छिपा है?

 

फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर आयोजन समिति या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन इतना तय है कि योग दिवस से पहले यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में “हॉट टॉपिक” बन चुका है।

 

— अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस विवाद पर आयोजकों की ओर से क्या सफाई आती है और क्या सुषमा गणपत बघेल को लेकर उठे सवालों का जवाब मिल पाता है या नहीं।

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