
बोड़ला। शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय, बोड़ला ने विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी और व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। महाविद्यालय और प्रतिष्ठित समर्थ चैरिटेबल ट्रस्ट के बीच हुए एमओयू (MOU) के तहत महाविद्यालय की दो छात्राओं अमीषा हठीले और पिंकी खुशाम का चयन सहगामी भूजल प्रबंधन आधारित एक वर्षीय विशेष आवासीय पाठ्यक्रम के लिए हुआ है।

दोनों छात्राएं अब क्रांतिगुरु श्यामजी कृष्ण वर्मा कच्छ विश्वविद्यालय, भुज (गुजरात) में रहकर भूजल संवर्धन, जल प्रबंधन और सामुदायिक सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। यह पाठ्यक्रम पूरी तरह आवासीय एवं प्रयोगात्मक होगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपने कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा।

महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह की पहल करने वाला शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय, बोड़ला कबीरधाम जिले का पहला महाविद्यालय बन गया है।
महाविद्यालय के प्राचार्य उमेश कुमार पाठक ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर के अवसरों के लिए तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि समर्थ चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ हुआ यह एमओयू विद्यार्थियों के लिए तकनीकी और व्यावहारिक शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराएगा।
वहीं समर्थ चैरिटेबल ट्रस्ट के एग्रोफॉरेस्ट्री एक्सपर्ट गुरप्रीत सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं के रहने, खाने और पढ़ाई का पूरा खर्च ट्रस्ट द्वारा छात्रवृत्ति के माध्यम से वहन किया जाएगा।
इस उपलब्धि पर महाविद्यालय के प्राध्यापक राजेश कुमार पाठक, सनत कुमार देवांगन, राकेश गौतम और योगेश ध्रुव सहित समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं ने चयनित दोनों छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि यह उपलब्धि कबीरधाम जिले में उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में एक नई मिसाल साबित होगी।


