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शिक्षक मोती दास चतुर्वेदी हुए सम्मानित

समाचार संविधान दिवस और राज्य स्थापना दिवस के संयुक्त कार्यक्रम से जुड़ा है। ये दोनों दिवस राज्य और राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं—

संविधान दिवस: भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों के सम्मान का दिन।

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस का 25वां वर्ष: राज्य के विकास, संस्कृति और उपलब्धियों का विशेष अवसर (रजत जयंती)।

ऐसे अवसर पर किसी शिक्षक का सम्मान शिक्षा व समाज दोनों के प्रति उनके योगदान को दर्शाता है।

शिक्षक मोती दास चतुर्वेदी का सम्मानित होना कुछ प्रमुख बातों को दर्शाता है—

यह शिक्षक की शैक्षिक सेवाओं, समाज में सक्रिय योगदान, तथा साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी को मान्यता देता है।

राज्य स्तरीय संस्था द्वारा दिया गया सम्मान शिक्षक समुदाय के लिए प्रेरक है।

इससे यह संदेश जाता है कि शिक्षा क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्तियों के योगदान को समाज गंभीरता से स्वीकार करता है।

ऐसे सम्मान कार्यक्रम शिक्षा जगत में उत्साह, ज़िम्मेदारी और प्रेरणा को बढ़ाते हैं।

इससे अन्य शिक्षकों को भी समाज हित में आगे आने और नवाचार करने की प्रेरणा मिलती है।

छात्रों में भी अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और अनुशासन की भावना मजबूत होती है।

छत्तीसगढ़ समता साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य—

 

संविधान के मूल्यों को समाज में प्रसारित करना अब

राज्य के 25 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव

साहित्य, शिक्षा और सामाजिक कार्यों में योगदान देने वालों का सम्मान

कार्यक्रम सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक तीनों स्तरों पर महत्वपूर्ण है यह केवल एक सम्मान समारोह नहीं है, बल्कि समाज में शिक्षा एवं संविधान के मूल्यों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

शिक्षक मोती दास चतुर्वेदी का सम्मान उनके निरंतर परिश्रम, समर्पण और सामाजिक योगदान की स्वीकार्यता का प्रतीक है।

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