
विद्यार्थियो की पहली पसंद
साइंस से जुड़े विद्यार्थी मेडिकल, नर्सिंग, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग में जाना चाहते हैं, जबकि कृषि संकाय के कृषि कॉलेज और मात्स्यकी कॉलेज में जाते हैं। वहीं कला संकाय, वाणिज्य के विद्यार्थी आईटीआई, डीएड और बीएड में जाना चाहते हैं। ऐसे में यह तीन कॉलेज की जिले में आवश्यकता है।
अमन वर्मा(संगठन प्रभारी NSUI) ने बताया की कवर्धा जिले में बीएड कोर्स नहीं हो पाता है और जिससे टीचिंग फील्ड में जाने वाले छात्रों को मजबूरन मै दुर्ग,बेमेतरा,रायपुर के कॉलेज से पढ़ाई करना पड़ रहा है, जिसके चलते काफी पैसे पढ़ाई में लगाने पड़ रहे है, अगर कवर्धा में बीएड की पढ़ाई होती तब यह समस्या नहीं आती।
बीसीए कोर्स समाप्त होने के बाद, एमसीए के करने का चाहत रखने वाले छात्रों को कवर्धा के कॉलेज में यह विषय नहीं होने के कारण
मजबूरन अन्य विषय में अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स करनी पड़ेगी।
जिले में सिर्फ यह कॉलेज संचालित
जिले में अभी तक मात्स्यकी कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज, कृषि कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, डीएड और आईटीआई कॉलेज मौजूद हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और बीएड कॉलेज की डिमांड बनी हुई है, क्योंकि इनसे संबंधित विद्याथियों की संख्या अधिक है।









